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गुप्त मंत्र Gupt Mantra emotional story

 मध्य रात्रि का दूसरा पहर था आसमान में बादल छाए हुए थे और कभी तेज़ तों कभी रिमझिम बारिश कर रहे थे दूर कहीं आसमान में बिजली चमक रहीं थी उसके चमकने के कुछ सेकंड बाद भीषण गर्जन करने लगे थे ऐसा लगता था कि किसी पेड़ पर या फिर देवालय पर बिजली गिर गई थी अब गर्जन थमने के बाद कुत्तों को भी आपस में संवाद करने का मौका मिल गया था तभी तो गांव के सभी गली के कुर्ते भोंक भोंक कर ऐक दूसरे का हालचाल पूछ रहे थे कि सब कुशल मंगल तों है ना सभी भाई-बंधु सुरक्षित है ना? एसे ही मौसम में बूढ़े आदमी ने पत्नी से सुनतीं हों जरा मुझे पानी पिला देना तकलीफ के कारण उसके मुंह से ठीक-ठाक शब्द भी नहीं निकल पा रहे थे । बुढ़िया   खटिया पर से उठ कर  पानी पिलाया था फिर आज तुम्हारी तबियत ज्यादा ख़राब है में बेटों को जगातीं हूं और अभी गांव के डाक्टर के पास लें जाने का कहतीं हू‌  चिंतित होते हुए उन्होंने कहा था। बूढ़े आदमी कि सांस तेज चल रही थी पेट में पानी जाने के बाद कुछ पलों के लिए आराम मिला था तभी तो उसने कहा था बेटों को जगाने से कोई फायदा नहीं होने वाला ऐसा लगता है कि अब धरती पर हमारा समय पूरा होने ...

नेता जी कि शव यात्रा


 देशभर के बड़े बड़े अखबारों ने माननीय नेता जी के स्वर्गवास पर खेद व्यक्त किया था साथ ही उनके मृत्यु का समय और शव यात्रा का समय भी लिखा था कुछ अखबारों के संपादक ने तों माननीय नेता जी बड़े बड़े लेख लिखकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कि थी तब कुछ संपादक महोदय ने ऊनकि जीवनी ही लिख डाली थी

 तब कुछ संपादक महोदय ने उन्होंने देश के लिए कैसा योगदान दिया लिखा था  कुछ आलोचक संपादक ने जीवन में नेता जी ने कैसे कैसे मुकदमा का सामना किया जैसे कि बलात्कार मारपीट भूमी पर जबरदस्ती कब्जा भ्रष्टाचार जैसे संवेदनशील मुद्दे का कानूनी सामाना किया लेकिन नेता जी ने सफेद कुर्ता पायजामा पर दाग नहीं लगने दिया खैर मिस्टर खन्ना ने कलाइ घड़ी पर नजर डाली थी दस बजे शव यात्रा में शामिल होना था उन्होंने तुरंत अपने दोस्त रबि कांत को फोन किया था।

खन्ना जी :- हैलो हैलो रबि 

रविकांत :- अलसाई आवाज में हां जी खन्ना जी सुबह सुबह कैसे याद किया 

खन्ना जी :-अबे क्या रात को ज्यादा पी ली थी शायद बिस्तर पर है और अरे हा वह तेरी गर्ल फ्रेंड....

रविकांत :- ही ही ही अरे यार उसकी सुबह चार बजे न्यूयार्क कि फ्लाइट थी चली गई अच्छा तू बता सुबह सुबह क्यों फोन किया 

खन्ना जी :- अबे अखवार नहीं पड़ा क्या तेरा लंगोटिया यार माननीय नेता जी का स्वर्गवास हो गया है शव यात्रा में शामिल होना हैं जल्दी तैयार  होकर चलना है 

रविकांत :- बुदबुदाते हुए अच्छा हुआ धरती पर बोझ कम हुआ साला बड़ा हरामी नेता था जीवन भर जाती पाती कि राजनीति करता रहा और अपना उल्लू सीधा करता रहा 

खन्ना जी :-तू भी तो कम नहीं साले उसकी बीबी जिसे भाभी भाभीजी कहकर आगे पीछे डोलता रहता था उस को ही.....

रविकांत :-देख खन्ना मेरा मुंह मत खुलवाना बेटा उसी नेता जी ने तुझे रोड पति से अरबपति बनाया दोनों ही खिलखिला कर हंसने लगे थे फिर अच्छा में अभी तैयार हुआ ऐसा कर तू अपनी गाड़ी ड्राइवर को भेज देना जब तक मैं तैयार होता हूं 

माननीय नेता जी जिनका नाम हम मिस्टर अ रख लेते हैं राजनीति में बड़ा नाम था मुख्यमंत्री सांसद और बड़े बड़े पदों पर आसीन रहे जबकि मिस्टर खन्ना ऊनकी पार्टी में विधायक और मिस्टर रबिकात पार्टी के अध्यक्ष पूर्व विधायक तीनों ही कालेज के सहपाठी थे सुनते हैं तीनों ही बहुत गरीब थे हालांकि पिछले तीस सालों में हजारों करोड़ रुपए के मालिक हैं तीनों के ही बड़े बड़े बंगले माल दुकान पलाट फेक्ट्री है काला धन को सफेद कैसे किया जाता है इस कला में माहिर थे 

मिस्टर खन्ना रविकांत तय समय से पहले पहुंच गए थे माहौल गमहीन था बंगले के अंदर और बाहर हजारों लोग जुट गए थें भीड़ को चीरते हुए दोनों शव के पास पहुंच कर माननीय नेता जी को प्रणाम कर रहे थे ।

शव के पास मिसेज नेता जी सफेद साड़ी पहनी हुई बैठीं हुईं थी और उनके पास ही दोनों बच्चे बैठे हुए थें जिनकी उम्र आठ दस साल थी हालांकि करीबी रिश्तेदार और महिलाएं भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही थी मिसेज नेता ने रविकांत को देखने के बाद रो रो कर यह क्या हुआ भाई साहब देखिए आप के दोस्त ने मुझे धोखा दे दिया।

 अब मेरा क्या होगा कौन इन बच्चों का ध्यान रखेगा सीने से लगकर दहाड़े मार कर रो रही थी रविकांत पीठ पर हाथ फेरते हुए होंसला रखिए भाभीजी अगर आप बिखर गई तब पार्टी का क्या होगा देश कि जनता का क्या होगा और मैं हूं ना आप के हर दुःख दर्द में साथ दूंगा जानें वाला तो चला गया अब वापस आने वाला नहीं संसार कि यहीं रीति है यहां पर सब नाशवान है  ।

दूसरी ओर मिस्टर खन्ना पार्टी के विधायक गण और कार्य कर्ता को समझा रहे थे कुछ समय बाद बैंड बाजा के साथ शव यात्रा निकाली गई थी राम नाम सत्य है जब तक सूरज चांद रहेगा नेता जी तेरा नाम रहेगा यही नारे बातावरण में सुनाई दे रहें थे   जैसे तैसे शव श्मशान घाट पहुंच गया था लेकिन अचानक कहीं से दो बेल सांड लड़ते हुए आ गये थे भीड़ डरकर इधर उधर भागने लगी थी पीपल के पेड़ के नीचे नेता जी अकेले ही अर्थी पर बंधे हुए पड़े थे ।

 मिस्टर खन्ना मिसेज नेता शव वाहन में दूर बैठे हुए भविष्य कि योजना बना रहे थे खैर कुछ समय बाद सांडों को लाठी के सहारे खदेड़ दिया गया था लेकिन अचानक एक भिखारी जैसा बूढ़ा आदमी शव के पास आकर चप्पल से पिटाई करने लगा था यहीं है यहीं है ऐसे सफेद पोशाक वाले सैतान जिन्होंने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया इन्हीं ने 

समाज को जाती पाती में बांटा हजारों करोड़ों कि संपत्ति बनाई जनता के टेक्स को हजम कर लिया महंगाई बेरोज़गारी बड़ाई  और तुम सब कहते हों जब तक सूरज चांद रहेगा नेता तेरा नाम रहेगा गलत हो तुम सब इसका नाम कभी नहीं रहेगा चोर था ठग था  नर्क में जाएगा मेरा किसी समय अच्छा दोस्त था मेरी जमीन हड़पने के बाद बडी बड़ी हाईराइज बिल्डिंग बना दी थू थू नर्क में जाएगा वह पागल ठहाके लगा कर हस रहा था ।

सीख ऐसे नवयुवक जो नेता बनकर विधायक सरकार में मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं भोली भाली जनता ऊनकी बातों में आ जाती है और वह बड़े पदों पर आसीन हो जाते हैं लेकिन जनता कुछ नहीं भूलती नेता का धर्म है कि ईमानदारी से समाज देश सेवा करें।

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