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मृत्यु भोज परिवारिक कहानी


सावन माह में यूं तो पानी बरसना आम बात है लेकिन इस बार पानी औसत से ज्यादा गिर रहा था मेघ बार बार गरजते हुए समुद्र से जल लाकर धरती पर मोदी मोदी बूंदें के साथ गिरा रहे थे चारों तरफ नदी नाले उफान पर थे वातावरण में झिंगुर और कभी कभी कुत्तों के भोंकने कि आवाज सुनाई दे रही थी चूंकि रात्रिकालीन समय था ऐसे में यह वातावरण और रहस्यमय हों रहा था ऐसे ही मौसम में बूढ़ी अम्मा खटिया पर ज्वर से कांप रही थी शायद उसे ठंड लग रही थी उसने शरीर कि पूरी ताकत को इकट्ठा कर के बेटा उमेश बहूं बहुत ठंड लग रही है जरा रजाई ओढ़ा देना ।
गांव में बूढ़ी अम्मा का सम्पन्न परिवार माना जाता था दो बेटे थे  बहुएं थी नाती नातिन थे लम्बी चौड़ी खेती थी  गाय भैंसे थी कार मोटरसाइकिल ट्रेक्टर सभी साधन थे दोनों बेटे अपने परिवार के साथ अलग अलग रहते थे संपत्ति का बंटवारा हो गया था लेकिन बूढ़ी अम्मा ने कुछ जमीन का हिस्सा अपने पास रखा था साथ ही गहने जेवर जो वह हमेशा संदूक में ताला लगाकर रखतीं थी इतना सबकुछ होने के बाद भी बूढ़ी अम्मा छः महीने ऐक बेटे के साथ रहती थी फिर छः महीने दूसरे बेटे का पास उन्हें रोटी भी गिनती कि मिलती थी कारण बुढ़ापा कि बीमारी ज्यादा भोजन फिर बिस्तर पर पाखाना कभी कभी बुड्ढी अम्मा बहुओं से कहतीं थी पेट नहीं भरता और बेटा पूड़ी सब्जी रसगुल्ला खाना का मन होता है तब बहुएं हाथ मटकाकर कर कहतीं रहेने दीजिए आप के लिए डाक्टर ने इतना ही खाना देने का कहां है कभी तीज त्योहारों पर पकवान बनाए जाते थें तब बुड्ढी अम्मा उनकी खुशबू कि महक से ही संतोष कर लेती थी कहते हैं कि बुढ़ापा बचपन कि पुनरावृति है यही हाल अम्मा का था लेकिन उनसे कोई भी संदूक कि चाबी नहीं ले पाया था चाबी वह धोती में बांध कर रखतीं थीं ज्वर में अम्मा के कब प्राण निकल गए किसी को पता भी नहीं  चला।
सुबह बड़ी बहूं अम्मा के कमरे में झाडू लगा रहीं थीं खटिया पर अम्मा कि कोई हलचल दिखाई नहीं दे रहीं थीं उसने हिलाकर अम्मा अम्मा कहां लेकिन अम्मा तो हमेशा हमेशा के लिए चली गई थी थोड़ी देर बाद पूरा परिवार मिलकर रोने लगा था हाय हाय अम्मा हमें छोड़कर चली गई हाय हाय कोई छाती पीट रहा था तब कोई अपने सिर को अम्मा के ऊपर रख रहा था पड़ोसियों को मालूम चला तब सभी इकट्ठा हो कर अर्थी लकड़ी कि व्यवस्था करने लगें थे ।

लेकिन दोनों भाइयों के बीच जुवानी संग्राम चलने लगा था 

बड़ा भाई :- छोटू पहले अम्मा कि संपत्ति का बंटवारा होंगा उसके बाद अर्थी सजेंगी 
छोटू :- नहीं पहले अम्मा का दाह संस्कार होंगा में कहें देता हूं 
बड़ा भाई :-अचछा अब मैं समझ गया तेरे पास छ महीने से अम्मा थी इसका मतलब तूने गहनों पर हाथ साफ कर दिया।

छोटू :- ऐसा इलज़ाम लगाते हुए तुम्हारी जीभ क्यों न जल गई कुछ तो शर्म होनी चाहिए ।

दोनों पुरूष लड़ रहे थे और ऐसे संग्राम में महिलाएं भाग नहीं ले तब यह तो अतिशयोक्ति होंगी बड़ी बहूं ने रोना धोना छोड़ कर पति का साथ दिया हाथ फटकार कर हां हां मुझे मालूम है अम्मा का सारा धन हड़प लिया तभी तो नयी कार ले ली हाय मेरे बच्चों का हक छीन लिया तुम्हारा सत्यानाश होंगा ।

अब छोटी बहूं से भी रहा नहीं गया वह भी घूंघट पलट कर बड़ी बड़ी आंखें करके सेरनी जैसी दहाड़ कर बोली जीजी किस का सत्यानाश होगा तुम्हारा अरे हमने नयी कार ली है अपनी मेहनत से जवान पर लगाम दिजिए वरना अच्छा नहीं होंगा ।
  घर के बाहर पड़ोसी बैठे हुए थे कुछ इस लड़ाई का मजा ले रहे थे तब कुछ बूढ़े बुजुर्ग ऊपर आसमान को देखकर मौसम का अनुमान लगा रहे थे चूंकि आसमान में काली घटाएं छाई हुई थी हिम्मत करके दो तीन बुजुर्ग अंदर जाकर देखो मौसम खराब हो रहा है लगता है बहुत तेज बारिश होगी ऐसी बारिश में दाह संस्कार करने में परेशानी होगी लकड़ी गीली हो जाएगी फिर जलेंगी कैसे उन्होंने अपनी चिंता बताई थी ।

बड़ा भाई :-  हाथ जोड़कर आप लोग अभी पंच समान है और कहते हैं पंचों में भगवान बस्ता है मैं आप सभी से विनती करता हूं कि दाह संस्कार के पहले अम्मा कि संपत्ति का बंटवारा होंगा ।
छोटा भाई  :- नहीं होगा मैं भी सभी पंचों के सामने हाथ जोड़कर अपनी बात रख रहा हूं अम्मा कि तेरहवीं करना हैं लाखों रूपए का खर्च होंगा मुझे बड़े भाई पर विश्वास नहीं 
 
माना कि हम इक्कीसवीं सदी में चल रहे हैं लेकिन अभी भारतीय ग्रामीण समाज इस सदी में प्रवेश नहीं कर पाया है जीते जी माता पिता कि सेवा नहीं करते हैं ऐक ऐक रोटी के लिए तरसाते है अच्छे डाक्टर से परामर्श नहीं लेते हैं अधिकांश देखने को मिलता है कि एक बार बूढ़े मां-बाप बीमार हुए तब उन्हें बीमारी से छुटकारा मृत्यु होने के बाद ही मिलता है फिर मृत्यु भोज पर लाखों रूपए खर्च करते हैं समाज में झूठी आन बान शान दिखाते हैं हजारों मेहमानों को निमंत्रण पत्र भेज कर बुलाते हैं विडंबना है ।

अंदर अम्मा का मृत शरीर रखा हुआ था और बाहर गांव के लोग बैठे हुए थे वातावरण में हल्की हल्की रिमझिम बारिश होने लगी थी धीरे धीरे समय भी खिसका जा रहा था गांव के कुछ बुद्धिजीवी वर्ग ने सलाह करके पुलिस को सूचना देना जरूरी समझा था क्योंकि दोनों भाई अपनी अपनी जीद पर कायम थे ऐसे में उन्हें दूसरा उपाय नहीं सूझ रहा था  ऐक नौजवान ने थाना प्रभारी को फोन करके सब कुछ बताया था थोड़ी देर बाद पुलिस कि गाड़ी आ गई थी ।

पुलिस इंस्पेक्टर भले आदमी थे दोनों भाइयों को प्रेम से समझाया था लेकिन वह समझने के लिए तैयार नहीं हो रहें थे अब अम्मा के संदूक को खोला गया था संदूक के अंदर पुराने फटे हुए कपड़े पत्थर रखें हुए थे बूढ़ी अम्मा कि संपत्ति देखकर मुस्कुरा रहें थे फिर उन्होंने कड़कती आवाज में देखा अम्मा के पास यह संदूक नहीं होता तब शायद तुम दोनों भाई घर से बाहर निकाल देते शर्म आनी चाहिए तुम दोनों को मत भूलना कि बुढ़ापा तुम्हारा भी आना है तुम्हारी औलाद भी तुम्हारे साथ ऐसा ही करेगी यह सत्य है जीवन में जैसा करोगे वैसा ही भरना होगा यह प्रकृति का नियम है मुझे लगता है कि तुम दोनों को जेल भेजना चाहिए तुम दोनों औलाद के नाम पर कंलक हों  जिस मां ने तुम्हें जन्म दिया उस के साथ ऐसा व्यवहार उसकी देह को पंचतत्व में विलीन भी नहीं करने दे रहे हों घिन आती है तुम्हारे जैसों पर ।

दोनों भाई को अपनी ग़लती का एहसास हो गया था हाथ जोड़कर श्री मान जी हमसे बहुत बड़ी भूल हुई आप जैसी सजा देना चाहते हैं हमें मंजूर है  हम धन कि लालच में अंधे हो गए थे हम सचमुच भूल गए थे कि हमारा भी बुढ़ापा आएगा हमारी संतान भी हमारे साथ ऐसा ही सलूक करेंगी हाय मेरी प्यारी अम्मा हमें माफ करना हे भगवान् बहुत बड़ी भूल हुई  दोनों बहुएं भी बिलख बिलख कर रो रही थी ।

श्मशान घाट पर बूढ़ी अम्मा कि देह लकड़ी के साथ पेट्रोल पुराने टायरों के साथ धू धू कर जल रही थी ।

तेरहवीं के दिन बहुत स्वादिष्ट भोजन तैयार किया गया था  हजारों मेहमानों को निमंत्रण पत्र भेजा गया था मेहमान चटकारे लेकर भोजन चट कर रहें थे और ऐक दूसरे के कानों में देखा जीतें जी मां को भरपेट भोजन नहीं दिया और आज धन का दिखावा कर रहे हैं भगवान ऐसी औलाद किसी को ना दे ।

मृत्यु भोज यह कहानी लिखने का मेरा उद्देश्य यह था कि आज का युग धन का युग है धन के आगे हमारे सामाजिक परिवारिक रिश्ते खत्म हो रहें हैं संवेदनाएं मर गई है जीते जी कुछ लोग अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते हैं  इन्हीं शब्दों के साथ कलम को विराम देता हूं यह कहानी कैसी लगी कमेंट करके बताइए धन्यवाद 






 

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