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गुप्त मंत्र Gupt Mantra emotional story

 मध्य रात्रि का दूसरा पहर था आसमान में बादल छाए हुए थे और कभी तेज़ तों कभी रिमझिम बारिश कर रहे थे दूर कहीं आसमान में बिजली चमक रहीं थी उसके चमकने के कुछ सेकंड बाद भीषण गर्जन करने लगे थे ऐसा लगता था कि किसी पेड़ पर या फिर देवालय पर बिजली गिर गई थी अब गर्जन थमने के बाद कुत्तों को भी आपस में संवाद करने का मौका मिल गया था तभी तो गांव के सभी गली के कुर्ते भोंक भोंक कर ऐक दूसरे का हालचाल पूछ रहे थे कि सब कुशल मंगल तों है ना सभी भाई-बंधु सुरक्षित है ना? एसे ही मौसम में बूढ़े आदमी ने पत्नी से सुनतीं हों जरा मुझे पानी पिला देना तकलीफ के कारण उसके मुंह से ठीक-ठाक शब्द भी नहीं निकल पा रहे थे । बुढ़िया   खटिया पर से उठ कर  पानी पिलाया था फिर आज तुम्हारी तबियत ज्यादा ख़राब है में बेटों को जगातीं हूं और अभी गांव के डाक्टर के पास लें जाने का कहतीं हू‌  चिंतित होते हुए उन्होंने कहा था। बूढ़े आदमी कि सांस तेज चल रही थी पेट में पानी जाने के बाद कुछ पलों के लिए आराम मिला था तभी तो उसने कहा था बेटों को जगाने से कोई फायदा नहीं होने वाला ऐसा लगता है कि अब धरती पर हमारा समय पूरा होने ...

डेटिंग एप्स प्यार के नाम पर. ...


सुधीर जैसे ही घर पहुंचे थे तब मां ने कहा था।

आ गया बेटा हाथ मुंह धोकर आ जब तक मैं चाय बनाती हूं 
थोड़ी देर बाद सुधीर चाय पी रहे थे मां ने प्यार से कहा सुधीर में कुछ कहना चाहती हूं ।

जी मम्मी ।

बेटा में बूढ़ी हूं पता नहीं कब भगवान् मुझे अपने पास बुला लें में चाहतीं हूं कि तूं दूसरा विवाह कर के घर बसा लें 

कुछ पल सुधीर ने विचार किया था फिर नहीं मां में बच्चों को किसी दूसरी महिला को नहीं सोप सकता दोनों बच्चे बालिग हो रहें हैं उन्हें अभी हमारी जरूरत है हमारे संस्कार कि जरुरत है फिर हंसकर अभी आप कहीं नहीं जाएगी बच्चों कि शिक्षा और शादी आप को ही करना है अच्छा बच्चे दिखाईं नहीं दे रहे हैं ।

गुड़िया कोचिंग क्लास और चिराग दोस्तों के साथ गार्डन में क्रिकेट खेलने गया है मां ने कहा था 

सुधीर का खुशहाल परिवार था पत्नी सुनंदा पड़ी लिखीं संस्कारी घरेलू महिला थी घर कि सारी जिम्मेदारी बखूबी निभा ना जानतीं थी सासु मां को अपनी मां जैसा सम्मान देती थी ऐसे में सुधीर हर प्रकार से तनाव रहित होकर अपने काम पर ध्यान देते थे ।

उनकी खुद कि किताबों कि छोटी सी दुकान थी उसी दुकान से परिवार का भरण-पोषण होता था सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन अचानक कोरोनावायरस ने सारे विश्व में तहलका मचा दिया था उस महामारी ने कितने परिवार उजाड़े थे आंकलन करना कठिन था ।

उसी महामारी ने सुधीर से सुनंदा को हमेशा हमेशा के लिए छीन लिया था ऐसे में वह अंदर से बिखर गए थे चूंकि ऐक मां के बेटे थे दो प्यारे बच्चों के पिता थे उनके पति कर्तव्य जुम्मे दारी से बंधे हुए थे ऐसे में उन्होंने अपने आप को सम्हाल लिया था ।

लेकिन अंदर का खाली पन लम्बी लम्बी रात में खलता था और देह भी उनसे अपने हिस्से का सुख चाहतीं थी इसलिए कभी कभी बैचैनी होने लगतीं थीं।

जैसे कि सुधीर कि दिनचर्या में सुबह का टहलना शामिल था ऐक सुबह वह टहल रहे थे तभी पड़ोस के मिस्टर खा ने कहा था सुधीर में कुछ समय से देख रहा हूं कि तुम बैचैन रहते हों मेरे भाई तुम्हारा बैचैन रहना स्वाभाविक है‌।

 क्योंकि जीवन साथी के साथ ही जीवन सुखमय व्यतीत होता है खैर जो चला गया वह वापस नहीं मिल सकता और मैं इस उम्र में  दूसरे व्याह का भी नहीं कह सकता ठीक है लेकिन मैं तुम्हें खुश रहने का सिक्रेट बता सकता हूं अगर मंजूर है तब बताऊं ।

सुधीर जी बताए ।

देख भाई आजकल बहुत सारे डेटिंग एप्स दुःखी परेशान युवक युवतियों को ऐक दूसरे से मिलाते हैं और यह सब बहुत गोपनीय तरीके से होता है बस मोबाइल में कुछ ऐप्लिकेशन डाऊनलोड करना होती है फिर कुछ फोटो प्रोफाइल बनाकर डालनी होगी कुछ देर बाद ही बहुत सारी तलाकशुदा विधवा महिलाओं कि फोटो के
 नोटिफिकेशन आने लगते हैं ।

 बस कुछ समय ऐक दूसरे से चेटिंग करना पड़ता है ऐक दूसरे को जानने समझने के बाद मेल जोल चालू हों जाता है ।

टहलते टहलते दोनों ही गार्डन कि घास पर बैठ गये थे सुधीर मिस्टर खा कि बातों में आ गये थे उन्होंने मोबाइल मिस्टर खा को दिया था और ऐप्लिकेशन प्रोफाइल बनाने को कहा था कुछ ही मिनटों में डेटिंग एप्स पर सुधीर दिखाई देने लगे थे।

 बहुत सारी खूबसूरत लड़की और महिलाओं कि हाय नमस्कार आने लगें थे कुछ को उन दोनो ने  रिप्लाई दिया था फिर मिस्टर खा ने हंसते हंसते देख सुधीर तूं अपनी भाभी से मत कहना में बहुत समय से डेटिंग एप्स का इस्तेमाल कर रहा हूं और राज कि बात यह है कि मैंने बहुत सारी....

फिर ही ही करके मिस्टर खा हंसने लगे थे और ऐक बात इस ऐप्स का ताला लगाकर रखना इसका पासवर्ड सिर्फ तुम्हें मालूम होना चाहिए नोटिफिकेशन भी म्यूट कर देना।

सुधीर आज खुश थे मन में लड्डू फ़ूटने लगे थे कुछ महिलाओं कि तस्वीरें उनके दिमाग पर छाने लगी थी कुछ के साथ वह होटल के रूम में रोमांस करने लगे थे वह अद्भुत मायाजाल में खो गए थे ।

डेटिंग एप्स निश्चित तौर पर कुछ लोगों के लिए लाभदायक है उस ऐप्लिकेशन कि प्रोफाइल में बहुत कम पुरुष महिला ईमानदारी से रिश्ता निभाना चाहती होगी बरना बहुत सारे पुरुष महिला ऐक दूसरे कि भावनाओं का शोषण करते हुए अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं ऐसा ऐक रिपोर्ट में बताया गया है खैर सुधीर घर जाकर आज जल्दी ही दुकान पहुंच गए थे दुकान कि साफ सफाई पूजा करके उन्होंने ऐप्लिकेशन खोल ली थी फिर 

हाय कैसे है 

में ठीक हूं और आप ऐक खूबसूरत महिला ने ज़बाब दिया था 
में भी ठीक हूं आप क्या करतीं हैं सुधीर ने उसका वर्तमान जानना चाहा 

जी मैं फैशन डिज़ाइनर हूं और आप 

जी मेरा खुद कि दुकान हैं 

ओह तब तो आप अच्छा कमाते होंगे 

जी हां जी नही बस काम चल जाता है 

महिला अच्छा मजाक करते हैं सफल बिजनेस मैन कभी अपनी आमदनी नहीं बताया करता मुझे मालूम है 

जी हां जी हां आप सही कह रही है 

अच्छा आप कि शादी हो गई क्या उस महिला ने टाइप किया था 
जी हां लेकिन मेरी प्यारी पत्नी का कोरोनावायरस के समय स्वर्गवास हो गया है ।

और बहुत दुःखी हूं यह सब सुनकर अब आप चिंता ना करें में हूं ना भगवान ने हमें मिलाया हैं 

सचमुच ऐसा लगता है कि हम एक-दूसरे को बरसों से जानते हैं अच्छा आप कि शादी हों गई क्या ।

जी मैं तलाक शुदा हूं  उस महिला ने टाइप किया था।

दोनों कि बात चल रही थी इस बीच कुछ ग्राहक आ गए थे सुधीर ने टाइप कर अभी मैं व्यस्त हूं फुर्सत होकर मैसेज करता हूं कहां था ।

दो तीन दिन कि बातचीत से सुधीर सातवें आसमान पर पहुंच गए थे उन्होंने अपने आप को सीसे के सामने खड़े होकर चेहरा का मूल्यांकन किया था सिर के कुछ बाल सफेद दिखाई दे रहे थे।

 मूंछ भी कुछ जगहों पर सफेद थी नाई कि दुकान पर जाकर काले बाल कराए थे कुछ अच्छे कपड़े खरीदे थे मतलब व्यक्तित्व में निखार ला रहे थे उनके इस बदलाव को देखकर मिस्टर खा ने ऐसा लगता है ।

कि मेरे भाई का मामला सेट हो गया है हैं ना जरा बताइए कैसी है मेरी पार्ट टाइम वाली भाभी जी फिर ही ही ही करके हंसने लगे थे ऐसा कुछ भी नहीं है सुधीर ने शरमाते हुए जबाब दिया था 
कोई बात नहीं कोई बात नहीं भाई पार्टी बनतीं है देना होंगी ।

अच्छा सुनो मैं चाहती हूं कि हम विडियो काल पर बात करते हैं आज रात  उस महिला ने टाइप किया था 

सुधीर चूंकि पड़े लिखे आदमी थे समाचार पत्र और सोशल मीडिया में बहुत सारे धोखा वाले विडियो आ रहें थे कुछ देर विचार किया था फिर न चाहते हुए भी उन्होंने अपना व्हाट्सएप नंबर सेडं कर दिया था विडियो काल का समय तय हों गया था रात ग्यारह बजे के बाद एकांत में अकेले हेडफोन लगाकर ऐक दूसरे को देखना था। 

रात्री ग्यारह बजने का सुधीर बैचैनी से इंतजार कर रहे थे थोड़ी देर बाद विडियो काल आया था सामने योवन से परिपूर्ण महिला जो कि बहुत खूबसूरत थी उसने हलो हाय किया फिर हाथ को अपने होंठ पर रख कर फ्लाइंग किस दी थी थोड़ी देर ऐक दूसरे का हाल चाल जाना था उसके बाद जानूं क्या आप मुझे पूरा देखना चाहते हैं ।

सुधीर जी जी हां 

ठीक है तब मैं भी आप को पूरा देखना चाहतीं हूं 

जी जी बिल्कुल लेकिन 

लेकिन क्या 

यह सब मेरे ख्याल से अच्छा नहीं रहेगा 

क्यों में जब आप को अपना सारा यौवन दिखा रहीं हूं मुझे कोई आपत्ती नही तब आप को क्यों और यह हम दोनों के बीच कि बात है मुझे प्राइवेसी का ख्याल है मैं कड़ाई से पालन करतीं हूं।
सुधीर अनजाने सम्मोहन में फंसे हुए थें ।

उस महिला ने जैसा कहा जैसे चाहा उन्होंने किया था कुछ मिनट का विडियो सूट हों गया था थोड़ी देर बाद जानूं आप को कुछ भेज रहीं हूं 
क्या 
आप के लिए प्यारा सा गिफ्ट उपहार देखिए 
सुधीर ने देखा था बहुत सारे स्क्रीन शाट थे जिसमें सुधीर अपने हाथ से अश्लील हरकत कर रहें थे उस महिला ने जानूं बस कुछ लाखों रूपए कि बात है ।

आप अभी ट्रांसफर कर दिजिएगा वरना सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर यह विडीयो डाउनलोड हों जाएगा फिर देखिए आप छा जाएंगे करोड़ों व्यू आऐंगे।

सुधीर एकाएक सातवें आसमान से धरती पर आ गिरे थे सम्मोहन खत्म हो गया था उन्हें समझ में आ गया था कि वह ठग महिला के जाल में फंसे हुए हैं देखिए अभी पैसा ट्रांसफर करना संभव नहीं है मुझे कल दोपहर तक का समय चाहिए में कल हर हाल में आप के एकाउंट में जमा कर दूंगा ।

मुझसे होशियारी मत करना साले समझा ना पैसा चाहिए अभी वरना मैं अभी डाउनलोड करतीं हूं उस महिला ने धमकाया था 
ठीक है मुझे दो घंटे का समय चाहिए करता हूं विश्वास रखना 

सुधीर कि दुकान के पास ही पुलिस थाना था पुलिस इंस्पेक्टर से जान पहचान थी फोन लगाकर उन्हें सबकुछ सच-सच बताया था पुलिस इंस्पेक्टर ने उस महिला का सारा डाटा लेकर कोई बात नहीं मिस्टर सुधीर ग़लती इंसान से ही होती है ।


और सबसे अच्छी बात यह कि आप ने जो आप उस महिला से डरे नहीं और तत्काल पुलिस कि सहायता लें ली है आप निश्चित होकर आराम किजिए में अभी उसका डेटा साइबर क्राइम को भेज रहा हूं और हां आगे कभी भी ऐसी ऐप्लिकेशन पर भरोसा मत करना ।

यह कहानी आधुनिक समय को देखते हुए लिखीं हुई है चूंकि आधुनिक युग टेक्नोलॉजी का हैं इस युग में हमारे रोजमर्रा के जीवन में अच्छे बुरे लोग टेक्नोलॉजी के माध्यम से मुलाकात करते हैं ऐसे में हम ऊनको पहचान नहीं पाते हैं कुछ बुरे लोग हमारे भोलेपन का फायदा उठाकर हमें ठगने कि कोशिश करते हैं ऐसे लोगों से हमें डरना नहीं चाहिए पुलिस कि हेल्प लेना चाहिए यह कहानी आप को कैसी लगी कमेंट करके बताइए 








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