मध्य रात्रि का दूसरा पहर था आसमान में बादल छाए हुए थे और कभी तेज़ तों कभी रिमझिम बारिश कर रहे थे दूर कहीं आसमान में बिजली चमक रहीं थी उसके चमकने के कुछ सेकंड बाद भीषण गर्जन करने लगे थे ऐसा लगता था कि किसी पेड़ पर या फिर देवालय पर बिजली गिर गई थी अब गर्जन थमने के बाद कुत्तों को भी आपस में संवाद करने का मौका मिल गया था तभी तो गांव के सभी गली के कुर्ते भोंक भोंक कर ऐक दूसरे का हालचाल पूछ रहे थे कि सब कुशल मंगल तों है ना सभी भाई-बंधु सुरक्षित है ना? एसे ही मौसम में बूढ़े आदमी ने पत्नी से सुनतीं हों जरा मुझे पानी पिला देना तकलीफ के कारण उसके मुंह से ठीक-ठाक शब्द भी नहीं निकल पा रहे थे । बुढ़िया खटिया पर से उठ कर पानी पिलाया था फिर आज तुम्हारी तबियत ज्यादा ख़राब है में बेटों को जगातीं हूं और अभी गांव के डाक्टर के पास लें जाने का कहतीं हू चिंतित होते हुए उन्होंने कहा था। बूढ़े आदमी कि सांस तेज चल रही थी पेट में पानी जाने के बाद कुछ पलों के लिए आराम मिला था तभी तो उसने कहा था बेटों को जगाने से कोई फायदा नहीं होने वाला ऐसा लगता है कि अब धरती पर हमारा समय पूरा होने ...
मोहित इस बार कि किशमिस कि छुट्टी पर आप गांव जा रहें हैं प़ाची ने कोट पहनते हुए अमित से कहां था।
लेकिन क्यों
क्यों कि आप को भाईसाहब से संपत्ति का बटवारा करवाना है ठीक है ।
प़ाची कैसी जिद पकड़ कर बैठ गई हों हम यहां अच्छा कमा रहे हैं और वहां गांव में भैया बेचारे खेती में बहुत मेहनत करके बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं।
मैंने ऐक बार कह दिया ना कि आप को जाना हैं तब जाना हैं और हाथों हाथ सब बेचकर आना हैं मैंने यहां पर फ्लेट देख कर रखा है प्रॉपर्टी ब्रोकर से बात हो गई है तीन बैडरूम का लग्जरी फ्लेट हैं समझें बाप रे बाप अमेरिका में बर्फीली ऐसी ठंडी हाड़ कंपाने लगें है वह बड़बड़ाते हुए आफिस जाने के लिए तैयार हों रही थी।
प़ाची मोहित पति-पत्नी थें दोनों ही अमेरिका कि मल्टिनैशनल कंपनी मैं साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम कर रहे थें सालाना करोड़ों रुपए का पैकेज था आर्थिक रूप से मजबूत थें।
ठीक है बाबा अभी क्रिसमस की छुट्टियां बहुत दूर है सोचते हैं मोहित ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था।
में समझ गई आप बटवारा नहीं चाहते मेरी तो किस्मत ही फूट गई जो तुम्हारे जैसे के साथ व्याह किया सारे जीवन किराए के घर में ही रहना पड़ेगा इस आदमी को भविष्य कि कोई चिंता नहीं है कोई लक्ष्य नहीं है प्रॉपर्टी के भाव आसमान जैसे ऊंचे उठ रहे हैं अभी समय है लेकिन इन्हें कौन समझाए ? जमाना पैसा का है वह अपनी ही धुन में बड़बड़ा रही थी।
ठीक है बाबा में जाऊंगा बस अब भगवान् के लिए अपना मुंह बंद कर लिजिए आज मुझे ऑफिस में बहुत काम है प्लीज़ मेरा दिन खराब मत किजिए मोहित ने निवेदन करते हुए कहा था।
बड़े दिनों कि छुट्टी पर हवाई जहाज से सात समुंदर पार कर के मोहित गांव आ गया था गांव कि मिट्टी उसने शिर पर लगाईं थी गांव के युवा ढोल बजाकर खुशी जाहिर कर रहे थे कुछ तों नाच रहे थे कुछ फूलों कि माला पहना रहें थें वह गांव में किसी हीरो जैसा था क्योंकि गांव का नाम का झंडा सात समुंदर पार अमेरिका में फहराया था ।
घर पहुंचकर बड़े भाई साहब भाभी के चरणों को स्पर्श किया था भैया भाभी दोनों के खुशी से आंसू निकल पड़े थे भाई साहब ने गले लगा लिया था फिर कैसा है तूं कमजोर दिखाई दे रहा है सेहत का ध्यान रखना चाहिए था ना जीवन में सबसे बड़ा धन स्वस्थ शरीर है समझा।
भाभी ने कैसे हैं लाला जी और अकेले आए हों देवरानी को भी ले आते कुछ दिन वह भी हमारे साथ रह लेती बच्चे चाचा आ गये चाचा आ गये छोटा भतीजा पप्पू तो कंधे पर सवार होकर मेले साचा है टीलगाडी से आए हैं अरे वही तो वादलो में उड़ती है चिड़िया जैसी उसने तुतलाती बोली मैं बोला था ।
गांव आते ही मोहित देशी गांव का हों गया था सुबह भाई साहब के साथ खेतों पर जाकर खेती का काम करता था शाम को गाय भैंसों को चारा पानी दूध दोहनी करता उसे देखकर लगता नहीं था कि यह अमेरिका कि बड़ी कंपनी में बड़े पद पर काम करता होगा ऐसे ही तीन चार दिन निकल गये थे प़ाची दिन रात में क्या हुआ मोहित बटवारा तो करा लिया ना जल्दी सब कुछ बेचकर आइए देखो में यहां आप को बहुत मिस कर रही हूं ।
मोहित हां हां करा लिया ऐक दिन ऐसे ही दोनों पति-पत्नी कि फोन पर बात हों रही थी बड़े भाई साहब पास में ही थें कुछ शब्द उन्होंने सुन लिए थें खेत पर तों कुछ नहीं कहां घर आकर खाना खाने के बाद मोहित बहूं शायद बटवारा चाहतीं हैं तुम्हें संकोच नहीं करना चाहिए ठीक है कल कुछ बुजुर्ग गांव के लोगों को बुला कर तेरे हिस्से का घर जमीन सब देता हूं भाई साहब ने भावुक होकर कहा था।
मोहित सन्न रह गया था कुछ देर के लिए वह अतीत में चला गया था वह दस साल का होंगा जब ऐक साल के अंदर माता-पिता दोनों ही उसे छोड़कर दुनिया से दूसरी दुनिया में चलें गये थे माता-पिता के जाने के बाद वह अंदर से टूट गया था हमेशा आगे क्या होगा सोचता रहता था ऐक दिन वह ऐसे ही अकेले में रो रहा था तभी भाई साहब आ गये थे उसकी आंखों से अश्रु पोंछकर में हूं ना तूं क्यों चिंता करता है अब भाई भी हूं और तेरा पिता भी ।
लाला जी कहते हैं कि बड़ी भाभी मां जैसी होती है अब में तेरी मां हूं मेरे देवर के साथ तूं मेरा बेटा हैं मत रोया कर मेरे लाल मत रोया कर भाभी भी रो पडी थी।
भाई साहब का कठोर अनुशासन और भाभी का मां जैसे प्यार के सहारे वह गांव के स्कूल से कब शहर के स्कूल में दाखिल हो गया था उसे खुद याद नहीं हालांकि वह बचपन से ही मन लगाकर पढ़ाई करता था परीक्षा में वह हमेशा अच्छे मार्क्स लेकर आता था रिजल्ट देख कर ही भाई साहब सीना तान कर गांव वालों से कहते थें देखना ऐक दिन मेरा मोहित बहुत बड़ा अफसर बनेगा सारे गांव का नाम रोशन करेगा समय अपनी गति से आगे चल रहा था उसी समय से मोहित कानपुर आई आईं टी में दाखिल हो गया था ।
भाभी ने भाई साहब कि से छुपाकर लाला यह पैसा रख लेना अच्छे महंगे कपड़े पहनकर जाना सुना है उस कालेज में पैसा वालों के लड़के लड़कियों ही पड़ पाते हैं लाला जी और कभी भी पैसा चाहिए तब चुपचाप ले लेना मुझे मालूम है कि आप के भाई साहब फालतू खर्च के लिए पैसा नहीं देते हैं ठीक हैं आजकल लडके लडकियां होटल पर खाना पीना सब करते हैं ऐसा मैंने सुना है बस कोई गलत रास्ते पर मत चलें जाना।
और भाई साहब उसकी पसंद कि बुलेट मोटरसाइकिल उसे तोहफे में दी थी भाई साहब ने भावुक हो कर कहा था मोहित देख किसीको एहसास मत होने देना कि तूं गरीब किसान का भाई है ।
प़ाची से मुलाकात कानपुर आई आई टी कालेज में ही हुई थी मुलाकात कब प्यार में बदल गई थी पता ही नहीं चला था अमेरिका कि कंपनी ने दोनों को ही कालेज में ही सिलेक्ट कर के अनुबंध साइन करा लिया था ।
ऐसे भैया भाभी से संपत्ति का बटवारा कराऊ धिक्कार है तुझ पर एहसान फरामोश जिस भाई ने अपनी सारी जवानी तेरे लिए अर्पण कर दी आज जब उस भाईसाहब को तेरे सहारे कि जरूरत है तब तूं सहारे कि जगह संपत्ति का बटवारा करने के लिए आया है धिक्कार है धिक्कार है मोहित कि अंतरात्मा ने उसे धिक्कार दिया था।
मोहित ने प़ाची को मेल पर लिखा था प़ाची में अमेरिका कि नौकरी छोड़ सकता हूं और तुम्हें भी लेकिन में देवता जैसे भाई साहब भाभी को नहीं छोड़ सकता कभी भी संपत्ति का बटवारा नहीं होंगा अब निर्णय तुम्हें करना होगा संपत्ति चाहिए या में कृपया जल्दी ज़बाब देना।
मोहित के मेल के शब्दों से प़ाची कि आंखें खुल गईं थी वह भी उड़कर सात समुंदर पार से गांव आ गई थी भाई साहब भाभी जी मेरे मन में लालच आ गई थी मुझे माफ करना हमारे लिए सबसे बड़ी संपत्ति तो आप लोग है वह भावुक होकर रोने लगी थी ।
सीख माता-पिता के गुजरने के बाद मोहित को बड़े भाई भाभी ने पढ़ाया लिखाया था मोहित कि पत्नी के मन में लालच आ गया था लेकिन मोहित के नहीं मोहित ने सूझबूझ से परिवार को इकट्ठा कर दिया सबसे बड़ी संपत्ति परिवार है ।

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