दोपहर का समय था किरण बच्चे के साथ आराम कर रही थी लेकिन बच्चा बार बार हाथ पैर उछल-कूद कर रहा था हालांकि अभी साल भर कि उम्र का ही था खैर किरण बच्चे को थपकियां देकर सुलाने कि कोशिश कर रही थी कोई लोरी गुनगुना रही थी ।
किरण के मुंह से चीख निकल गई थी उसकी चीख सुनकर सास ससुर क्या हुआ बेटा कुछ तो बोल देख तूं बताएगी नहीं तब हमें कैसे पता चलेगा तेरी तबियत तो ठीक है चल अभी अस्पताल चलते हैं ।
पापा हरीश का एक्सीडेंट हो गया है देखिए मोबाइल चालू हैं लेकिन कुछ बोल नहीं पा रहा है फफक-फफक रो पड़ी थी ससुर ने हैलो हैलो दूसरी ओर शायद कोई राहगीर था उसने लोकेशन और हालात बहुत गम्भीर है हम लोग अस्पताल ले जा रहे हैं आप तुरंत आइए
किरण बेसुध हो गई थी पूरे घर में कोहराम मच गया था पड़ोसियों के साथ ससुर जी जिनका नाम दीनदयाल था अस्पताल पहुंच गये थे लेकिन जब तक हरीश संसार से विदा ले कर दूसरी दुनिया में चला गया था ।
हरीश किरण का पति था उसके जाने के बाद किरण कि दुनिया उजड़ गई थी सारा संसार सूनापन महसूस कर रहा था हमेशा उदास रहती थी श्रंगार अच्छे कपड़े पहनना वह भूल ही गयी थी हालांकि वह पड़ी लिखीं आधुनिक युग कि लड़की थी परस्थितियों से मुकाबला करना जानती थी ।
लेकिन जिससे गहरा दिल का रिश्ता हो भला वह कैसे भूल सकता है जिसके साथ जीवन के तीन साल सुखी रहकर विताऐ थे जिसके साथ जीवन जीना सीखा था उसका एकाएक चला जाना सीने पर बड़ा गहरा घाव जैसा था निष्ठुर तो चला गया था हाय यह जीवन कैसे गुजरेगा ।
कभी कभी बच्चे को देखकर रोने लगती थी कहती मुन्ना तूं चिंता मत करना तेरी मां हैं ना देख तुझे छोड़कर कहीं नहीं जाउंगी तेरा लालन-पालन करूंगी तुझे अच्छे संस्कार अच्छी शिक्षा दूंगी मेरे लाल अब पिता भी में हूं और माता भी मुन्ना टुकर टुकर मां को देखता रहता था शायद शब्दों को समझने कि कोशिश करने लगता था और जब किरण रोने लगती थी तब वह भी रोने लगता था।
ससुर दीनदयाल और सास कमला बहूं कि हालात देखकर बहुत दुःखी थे दोनों ही कहते देख किरण तूं मेरी बेटी हैं और बेटा भी तुझे आगे जीवन जीना है ऐसी उदाशी क्यों बेटा जानें वाला तो चला गया लोटकर वापस नहीं आने वाला यह संसार का कड़वा सच है तुझे इस सच को स्वीकार करना चाहिए बेटा ।
ससुर दीनदयाल जी ने ऐक दिन किरण से कहा बेटा तूं बुरा तो नहीं मानेगी तब कुछ कहूं।
जी कहिए पापा किरण ने कहा
देख मैंने और तेरी मम्मी ने ऐक लड़का देखा है बहुत सभ्य संस्कारों हैं खुद का व्यापार हैं उनकी पत्नी का हृदय घात से देहांत हो गया है मेरी मान तेरा व्याह कर दूं ।
सास ने किरण बेटा भले ही तेरे माता पिता ने तुझे जन्म दिया पर बेटा हम दोनों ही तेरे माता पिता जैसे ही हैं तूं मुन्ना कि चिंता मत करना हम दोनों उसे सम्हाल लेंगे और तेरा यह घर हमेशा रहेगा बेटी जैसी धूमधाम से शादी करूंगी और हमेशा तेरा इस घर से नाता रहेगा तीज त्यौहार तूं हमारे साथ ही मनाएगी देख जीवन बहुत लम्बा है जीवन साथी के बिना जीवन जीना संभव नहीं है ।
किरण ने पर मम्मी-पापा जमाना क्या कहेगा।
भाड़ में जाए जमाना जब हम दोनों को आपत्ति नहीं है हमें तय करना है कि हमारी बेटी कैसे सुखी रहेंगी फिर दूसरों के बारे में क्या सोचना खैर तूं ठंडे दिमाग से विचार करना कोई जल्दबाजी नहीं है दीनदयाल जी ने कहा था।
समय का पहिया अपनी गति से चल रहा था सास कमला देवी ने मुन्ना कि सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी जैसा कि नहलाना धोना उसे उंगली पकड़कर चलना सिखाना रात में अपने पास सुलाना किरण ऐसे सास ससुर को पाकर अपने आप को धन्य समझ रही थी चूंकि उसकि कुछ सहेलियां अक्सर सास ससुर कि बुराई करती रहती थी लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा था विधवा होने के बाद उसे बेटी का दर्जा प्राप्त था अब वह धीरे-धीरे उदासी से बाहर निकल रही थी ।
ऐक दिन सास ने उसे खुश देखकर तब क्या किरण में हां समझूं देख तेरे पापा मुझसे बार-बार पूछ्ते रहते हैं ।
जी मम्मी जैसा आप लोग उचित समझें में बात मानूंगी ।
कुछ महीने बाद गार्डन में शहनाई बज रही थी किरण दुल्हन कि वेषभूषा में बहुत सुंदर लग रही थी ससुर दीनदयाल जी सास कमला देवी बारात का स्वागत हाथ जोड़कर कर रहे थे दूल्हे को देखकर किरण बहुत खुश थी हरीश जैसा ही था सारे रिति रिवाज होने के बाद विदा हो रहीं थी ।
किरण किसी अबोध बच्ची जैसी ससुर जी लिपटकर रो रही थी सास कमला उसे सम्हाल कर मेरी बेटी हैं तूं देख मत रो अब तूं अपने घर संसार जा रही है हमेशा खुश रहना मेरी बच्ची तूने मुझे मुन्ना के रूप में हरीश को वापस दे दिया बेटा जब तेरा जी चाहे घर आ जाना तेरा हैं और हमेशा रहेगा ।
सास ससुर ने खुशियां वापस तोहफे के साथ लोटा दी थी।
सीख चूंकि अभी हम इक्कीसवीं सदी में चल रहे हैं कुछ परिवारों में विधवा बहू को हेय दृष्टि से देखा जाता है सारा दोष उसके उपर मढ़ दिया जाता है जो गलत है बहूं भी बेटी जैसी होती है यह समझना होगा यह कहानी लिखने का मेरा यही उद्देश्य था कैसी लगी कमेंट करके बताइए

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