शाम का समय था राम नाथ जी बहुमंजिला इमारत के पन्द्रह माले कि बालकनी में बैठे हुए चाय कि चुस्कियां ले रहे थे नीचे गाड़ियां का शोर सुनाई दे रहा और उपर आसमान में पंछी झुंड के साथ अपने अपने घोंसले में लोट रही थें उन पंछी झुंड कि चहचहाट कि आवाज मधुर धुन जैसी सुनाई दे रही थी लेकिन फ्लेट में अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था ।
अंदर अविनाश स्वाति जो बेटा बहू थें लेपटॉप पर कुछ काम कर रहे थे रामनाथ जी अविनाश के पास जाकर खड़े हो गए थें उन कि आहट सुनकर अविनाश ने नीचे गर्दन किए हुए कहा पापा कुछ चाहिए आप को ?
नहीं नहीं बेटा आज रविवार है तेरा छुट्टी का दिन है में चाहता हूं कि स्वाति और तूं मेरे साथ कुछ समय व्यतीत करें बहुत सारी बातें करने का मन हो रहा है।
पापा चूंकि कल प्रोजेक्ट सम्मिलित करना है उसे ही देख रहा था कि कहीं कोई ग़लती तो नहीं है और हां गलतियां मिल भी रही है आप प्लीज़ मुझे अभी डिस्टर्ब न करें अविनाश ने नीचे गर्दन करते हुए कहा था ।
राम नाथ जी के पास पैसा था पेंशन भी मिल रहीं थी नौकर चाकर भी थें महंगी महंगी कारें भी थी लेकिन पत्नी के स्वर्ग वास होने के बाद वह अकेले पड़ गए थें कोरोनावायरस के समय पत्नी का देहांत हो गया था कोई बात करने वाला नहीं था ऐसे में अखबार या टेलीविजन पर अपना समय निकालते थे ।
ऐक दिन रामनाथ जी मखमली पोटली लेकर अविनाश के पास खड़े हो गए थे अविनाश ने कहा था कुछ चाहिए पापा आप बताइए अभी आनलाइन मंगवा देता हूं ।
स्वाति ने कहा इसमें क्या है पापा कोई पुश्तैनी जेवर गहने शायद आप मुझे गिफ्ट करना चाहते हैं हैं ना ?
नहीं जरूर पैसा होंगा आप कोई प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं ना अविनाश ने चहकते हुए कहा था।
मेरी सबसे बड़ी प्रॉपर्टी तो तुम दोनों हों पर अफसोस रामनाथ जी ने प्रश्नवाचक चिन्ह लगाकर वाक्य अधूरा ही छोड़ दिया था।
दोनों को देखकर उन्होंने पोटली खोली थी जिसके अंदर से कागज के पेन से लिखे हुए टुकड़े निकलें थें स्वाति ने उन्हें पड़ा था दस मिनट समय कि कीमत इतने रूपए बीस मिनट के समय कि कीमत और ज्यादा और संडे को बाहर घूमने जाने कि कीमत बहुत ज्यादा थीं।
अविनाश ने यह क्या है समय कीमत समझा नहीं ?
बेटा तुम दोनों के पास मेरे लिए समय नहीं है में तुमसे तुम्हारा समय खरीदना चाहता हूं मेरे पास पैसे कि कमी नहीं है क्या तुम लोगों को कीमत कम लग रही है और बढ़ाएं हालांकि मैंने कल कुछ जमीन बेचकर तुम दोनों के एकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया है ।
तेरी मां के जाने के बाद में एकदम अकेला हो गया हूं मुझे यह खामोश फ्लेट बहुत खलता है कहने के लिए हम तीनों इस फ्लेट में रहते हैं लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि सेंकड़ों किलोमीटर हम दूर दूर रहते हैं इसलिए मैंने सोचा तुम्हारे पास समय नहीं है पैसे के लिए ऐतवार छुट्टी का दिन जो हमारा सभी के रिजर्व रहता है कुछ पल के लिए वह खामोश हो गये थे।
बेटा तुझे याद तो होगा बचपन मे कितना जिद्दी था कभी कभी मैं ऑफिस से घर थका-हारा आता था तब तूं मुझे घुमना है आप चलिए उस गार्डन में जहां पर झूला लगा हुआ है में चल देता था और आज जब मुझे तुम्हारी जरूरत है तब तुम्हारे पास मेरे लिए समय ही नहीं दर्द भरे स्वर में कहकर बात खत्म कर दी थी ।
अविनाश स्वाति दोनों को अपनी ग़लती का एहसास हो गया था लेपटॉप बन्द करके हम दोनों आप से माफ़ी मांगते हैं आप को समय खरीदने कि जरूरत नहीं है हम वादा करते हैं सुबह-शाम आप से खूब बातें करेंगे आप को हर रविवार घुमाने ले जाएंगे फिल्म देखेंगे शहर से बाहर हिल स्टेशन मंदिर जाएंगे हे ना स्वाति।
स्वाति ने चहकते हुए हां पापा आप से पक्का कहते हैं चलिए अभी तैयार हो घूमने चलते हैं हैं ना अविनाश?
हां पापा देर आए दुरुस्त आये कहते हैं सुबह का भूला शाम को घर आ जाऐ भूला नहीं कहलाता ।
दोनों का हृदय परिवर्तन देखकर रामनाथ जी खुश हो गए थे उनके हृदय से ढेरों आशीर्वाद निकल रहें थें।
सीख काम-काज के दबाव में हम अपने परिवार माता पिता को समय नहीं दे पाते हैं ठीक है काम करना चाहिए लेकिन साथ ही बड़े बूढ़े सदस्यों से भी बात करना चाहिए ऊनकी भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए ।
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| बच्चों के पास पिता से बात करने का समय नहीं |

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